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#AdivasiAwaaz is a project by Adivasi Lives Matter (ALM) and Prayog, CG to help the Adivasi (Indigenous) youth of India assert their identities through digital stories to preserve, promote and amplify Adivasi identity.
Chwla ungwi bw MakeUp artist ungwi bachamano omo nw phunukmari Tiprasa Sikla rogni
Tripura hasteo belainw jwngjal nwk jagwi tongw samwng hwmwngnw twiwi, Omo hai jwngjal Tripura hasteo simiya. Thangnai bisinwi bisitham romwi
kamaljamatia
May 6, 20233 min read


Tortoise Under the Earth: Movie Review
Film review of a docu-fiction movie called "Tortoise Under the Earth".
Abhay Majhi
Apr 20, 20235 min read


सात भाइयों और एक बहन की अनोखी कहानी, जिसे सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं
यह कहानी है प्रेम और लोभ की, लोभ में आकर लोग हत्या करते हैं और प्रेम मृत्यु के उपरांत भी जीवित रहता है।
Manoj Oraon
Apr 19, 202310 min read

आखिर क्यों, छत्तीसगढ़ में, दान में दी जाती है धान
जब मिसाई का अंतिम दिन होता है। उस दिन किसान, वहाँ आये सभी लोगों को धान की ‘दान’ देते हैं। चाहे, कोई छोटा रहे या बड़ा।
Dinesh Kanwar
Apr 18, 20233 min read

क्यों कोया वंशीय, भिमाल पेन की उपासना करते हैं
कोया वंशीय, गोंड समुदाय के गण्डजीव, 'भिमाल पेन' की उपासना, चैत्र माह की पूर्णिमा में करते हैं।
Chaman Netam
Apr 7, 20233 min read


कौन है भिमाल पेन, और क्यों हर गोंड आदिवासी के गांव में, इनकी पूजा होती है
भिमाल पेन का जन्म, चैत्र पूर्णिमा को हुआ था। वह, मैकाल पर्वतीय श्रृंखला में, बैहर लांजी के, भुरा भगत और कोतमा दाई के पुत्र हैं।
Anjali Dhruw
Apr 7, 20236 min read

चाँदागढ़ की कली कंकाली, कैसे बनी, गोंडवाना की माता कली कंकाली
गोंड आदिवासीयों द्वारा जगह और समय अनुसार ये कहानीयां अलग-अलग सुनने को मिलेगी। वर्तमान में गोंड समुदाय के इतिहासकार इसे लिपिबद्ध कर रहे हैं।
Anjali Dhruw
Mar 30, 20239 min read

गोंड वंश की बेटी, कैसे बनी छत्तीसगढ़ की आराध्य देवी, मां बमलेश्वरी
आज भी आदिवासी समुदायों के बीच कहानियां, पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनने को मिलती हैं। लेकिन, आधुनिक युग में, इन्हें हिंदू धर्म से जोड़ दिया जाता है।
Anjali Dhruw
Mar 22, 20239 min read

वर्तमान में कैसे बदल रहा है, 'छेरछेरा पर्व' मनाने का तरीका
यह पूरे छत्तीसगढ़ में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। छेरछेरा त्यौहार को, "नए फसल के काटने" की खुशी में मनाया जाता है।
Himanchal Singh
Mar 17, 20234 min read


जानिए गोंड आदिवासियों में, क्यों सुपा बजाकर नृत्य करते हैं
गोंड आदिवासियों में बच्चों के जन्म लेने पर, ख़ुशी के साथ धूमधाम से त्यौहार मानाने का रिवाज है। और जब मनुष्य की मृत्यु हो जाती है, तब भी।
Rameshwari Dugga
Mar 10, 20232 min read


The Memories of a Festival Foregone
A personal account of how Baha is celebrated in the Santal community.
Phulmani Murmu
Mar 8, 20234 min read


संथालों के लिए क्यों खास है, राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव
अगर इस मेले के आयोजन की पृष्ठभूमि की बात करें, तो अंग्रेजों के खिलाफ 30 जून 1855 को हुए 'संथाल हुल' से जुड़ी हुई है।
Manoj Kujur
Mar 7, 20236 min read


From Irulars History to their Present Life(Part 2)
Part 2: A short documentation of how the Irulars have lived their lives through history.
Kavi Priya
Mar 4, 20232 min read


जानें कहाँ मिलती है मवेशियों को आराम करने के लिए साप्ताहिक छुट्टी
सन् 1843 में, अंग्रेज गवर्नर के एक आदेश पारित करने पर, रविवार के दिन छुट्टी की सबसे पहली शुरुआत, एक स्कूल से की गई थी।
Manohar Ekka
Mar 2, 20234 min read


आइए हम आपको आदिवासी क्षेत्रों में मनाए जाने वाले बेलकट पर्व के बारे में अवगत कराते हैं
हम इस आर्टिकल के माध्यम से यह जानने का प्रयास करेंगे कि किस तरह से मनुष्य का जीवन पेड़-पौधों, जंगलों व फसलो से जुड़ा हुआ है।
Shubham Pendro
Feb 28, 20234 min read


Is Raima Saima just a folktale or Real life Story?
The story is about how python who fell in love with one of the women from a Tripuri village.
Ruhan Murasing
Feb 24, 20234 min read


आइए जानें आदिवासी कंवर समाज में देह-संस्करण कैसे होता है?
आज हम जानेंगे कि आदिवासी कंवर समाज में जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तब कैसे रीति-रिवाज के साथ पूरे प्रक्रिया को संपन्न किया जाता है।
Himanchal Singh
Feb 23, 20234 min read


जंग-ऐ-आजादी का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी
खून में डूबी उसकी देह तब भी गुस्सैल थी और उसकी लाल-लाल आंखें ब्रिटिश हुकूमत को डरा रही थी। मृत्यु के वक़्त तिलका की उम्र मात्र 35 वर्ष थी।
Pankaj Bankira
Feb 11, 20234 min read


किसान करते हैं नांगर की पूजा और बच्चे लेते हैं गेंड़ी का मजा। आइये, जानें हरेली त्यौहार के बारे में
हरेली में खेतों में काम करने पर कई गांवों में आर्थिक दंड लेने की परम्परा है। इस नियम को मानना या ना मानना गांव-गांव के ऊपर होता है।
Ajay Kanwar
Feb 5, 20233 min read


भादो मास में खेती और अच्छी फसल की कामना के लिए मनाते हैं करम पर्व
छोटानागपुर के कुड़ुख आदिवासी गाँवों में सात भाईयों की कहानी प्रचलित है, त्यौहार के दिन कहानी सुना जाना विशेष है।
Sushil M. Kuvar
Sep 7, 20227 min read

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